Home छत्तीसगढ़ पर्यावरण के अनुकूल पत्तल में खाने के फायदे, पत्तल और कुल्हड़ का...

पर्यावरण के अनुकूल पत्तल में खाने के फायदे, पत्तल और कुल्हड़ का इस्तेमाल करने की सलाह प्राचीन ग्रंथों में भी है जिक्र

0

पर्यावरण के अनुकूल पत्तल में खाने के फायदे, पत्तल और कुल्हड़ का इस्तेमाल करने की सलाह प्राचीन ग्रंथों में भी है जिक्र

मनेन्द्रगढ़

शादी का सीजन शुरू हो चुका है। इस दौरान प्लास्टिक के डिस्पोजल बर्तनों के बजाय पत्तल और मिट्टी के कुल्हड़ का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। यह प्रकृति के अनुकूल भी है और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।

भारत में 2000 से ज्यादा वनस्पतियों की पत्तियों से पत्तल बनाए जाते हैं। इनके चिकित्सकीय फायदे भी हैं। हालांकि, वर्तमान में सिर्फ 5 तरह की वनस्पतियों का इस्तेमाल हो रहा है। प्राचीन ग्रंथों में केले के पत्तों में खाने का जिक्र केले के पत्तों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। प्राचीन ग्रंथों के मुताबिक, केले के पत्तों पर खाना खाने से सेहत को फायदा होता है। आजकल बड़े होटल और रिसॉर्ट भी केले के पत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

विभिन्न पत्तों के अलग-अलग फायदे हैं। पलाश के पत्तल में खाना खाने को स्वर्ण पात्र में भोजन के बराबर माना जाता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद है। सफेद फूल वाले पलाश से बने पत्तल बवासीर के मरीजों के लिए लाभदायक हैं।

करंज की पत्तियों से बने पत्तल जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं। इसमें पुरानी पत्तियां नई पत्तियों से ज्यादा फायदेमंद मानी जाती हैं। लकवा के मरीजों के लिए अमलतास की पत्तियों से बने पत्तल फायदेमंद माने जाते हैं।

पत्तल में खाना खाने के लाभ

1. सबसे पहले तो उसे धोना नहीं पड़ेगा, इसको हम सीधा मिटटी में दबा सकते है।

2. न पानी नष्ट होगा।

3. न ही कामवाली रखनी पड़ेगी, मासिक खर्च भी बचेगा।

4. न केमिकल उपयोग करने पड़ेंगे।

5. न केमिकल द्वारा शरीर को आंतरिक हानि पहुंचेगी।

6. अधिक से अधिक पेड़ उगाए जायेंगे, जिससे कि अधिक ऑक्सीजन भी मिलेगी।

7. प्रदूषण भी घटेगा।

8. सबसे महत्वपूर्ण : झूठे पत्तलों को एक जगह गाड़ने पर, खाद का निर्माण किया जा सकता है एवं मिटटी की उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है।

9. पत्तल बनाने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा।

10. सबसे मुख्य लाभ-नदियों को दूषित होने से बहुत बड़े स्तर पर बचा सकते हैं, जैसे कि आप जानते ही हैं कि जो पानी आप बर्तन धोने में उपयोग कर रहे हो, वो केमिकल वाला पानी, पहले नाले में जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here