Home मनोरंजन टॉम क्रूज़ की मिशन का आखिरी अध्याय: एक युग का समापन

टॉम क्रूज़ की मिशन का आखिरी अध्याय: एक युग का समापन

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लॉस एंजेलस,

 मनोरंजन की दुनिया में जब हर कुछ समय में नई फिल्मों और ट्रेंड्स का जन्म होता है, वहीं कुछ कलाकार अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से एक लंबा सफर तय करते हैं। टॉम क्रूज़ उन चंद कलाकारों में से हैं जिन्होंने अपने करियर को एक नई पहचान दी है। अब, 62 साल की उम्र में, वह एक बार फिर एथन हंट के किरदार में नजर आएंगे, और इस बार वह मिशन इम्पॉसिबल-द फाइनल रेकनिंग के साथ अपनी प्रसिद्ध फ्रेंचाइज़ी का आखिरी चैप्टर लिखने जा रहे हैं।

1996 में जब पहली बार मिशन इम्पॉसिबल फिल्म रिलीज़ हुई थी, तब यह एक नया कदम था एक्शन थ्रिलर फिल्मों के लिए। इसके निर्देशन में ब्रायन डी पाल्मा ने एक हाई-ऑक्टेन जासूसी कहानी पेश की, जिसे देखने के बाद किसी ने नहीं सोचा था कि यह फिल्म एक बहुप्रसिद्ध फ्रेंचाइज़ी में तब्दील हो जाएगी। यह फिल्म न सिर्फ अपनी कहानी के कारण हिट हुई, बल्कि इसके अद्भुत स्टंट्स और सस्पेंस ने इसे इतिहास में अमर कर दिया। लेकिन इस फ्रेंचाइज़ी की खासियत यह रही कि यह कभी भी पुरानी नहीं पड़ी, बल्कि हर नई फिल्म के साथ यह और भी बड़े स्टंट्स और शानदार विज़न के साथ पेश होती रही।

टॉम क्रूज़ ने इस फ्रेंचाइज़ी के हर हिस्से को एक नया आयाम दिया। अपने खतरनाक स्टंट्स को खुद करना, चाहे वह रोगु नेशन में उड़ते प्लेन से लटकना हो या घोष्ट प्रोटोकॉल में बुर्ज खलीफा पर चढ़ना हो, हर फिल्म में क्रूज़ ने रियलिज़्म और ऑथेन्टिसिटी को अपनाया। उनका यह समर्पण ही था जिसने मिशन : इम्पासिबल को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया। एथन हंट के रूप में टॉम क्रूज़ ने सिर्फ एक स्पाई के तौर पर काम नहीं किया, बल्कि इस किरदार को भी एक गहरी मानवीय जर्नी बना दिया। वह हमेशा अपनी टीम और मिशन के प्रति वफ़ादार रहे, लेकिन साथ ही समय के साथ इस किरदार में एक नई वल्नरेबिलिटी भी दिखाई। यही वजह है कि ऑडियंस उन्हें सिर्फ एक हीरो नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर महसूस करती है।

अब, द फाइनल रेकनिंग के साथ टॉम क्रूज़ और इस फ्रेंचाइज़ी का सफर लगभग समाप्त होने जा रहा है। यह फिल्म सिर्फ एथन हंट का आखिरी मिशन नहीं होगी, बल्कि यह एक युग के समापन का प्रतीक भी बनेगी। यह हॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार की मेहनत और समर्पण का सलाम होगा। अगर यह सचमुच उनका आखिरी मिशन है, तो यह न केवल एक किरदार की विदाई, बल्कि एक युग का भी अंत होगा। फिल्म भारत में 17 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है और इसे इंग्लिश, हिंदी, तमिल और तेलुगु में आईमैक्स के साथ देखा जा सकेगा।

 

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