Home मध्यप्रदेश जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी आवश्यक : मंत्री श्रीमती उइके

जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी आवश्यक : मंत्री श्रीमती उइके

0

सिंगरौली

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम पंचायत खिरवा में 24 लाख रु. की लागत से निर्मित होने वाले अमृत सरोवर का भूमि-पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने की, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

जल से ही जीवन है, जल की रक्षा हम सबका दायित्व

मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाले समय में जल की उपलब्धता तभी संभव है जब समाज इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि जल स्तर में लगातार गिरावट चिंताजनक है और इसके समाधान के लिए समुदाय को अपने-अपने क्षेत्र के पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके संरक्षण, साफ-सफाई और जीर्णोद्धार की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

मंत्री श्रीमती उईके ने स्पष्ट किया कि जल गंगा संवर्धन अभियान में बनाए जा रहे अमृत सरोवर जैसे प्रयास न केवल जल संचय को बढ़ावा देंगे, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल-आधारित कृषि के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे।

स्थानीय जल स्रोतों के पुनर्जीवन का हो रहा कार्य – राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह

राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने कहा कि सिंगरौली जिले में तालाबों, नदियों, कुओं और बावड़ियों जैसे परंपरागत जल स्त्रोतों की पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। साथ ही खेत-तालाब और अमृत सरोवर जैसी योजनाओं के माध्यम से जल संचयन की दीर्घकालिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल के संरक्षण के लिये सोक-पिट और बोरी-बंधन जैसे उपायों को अपनाना आवश्यक है, जिसके लिए जन-जागरूकता अनिवार्य है।

विधायक शाह ने जल संरक्षण को भावी पीढ़ियों के हित में सर्वोपरि बताया और नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here