Home छत्तीसगढ़ डेढ़ दशक बाद बेजा कब्ज़े से कॉलोनी हुई आज़ाद

डेढ़ दशक बाद बेजा कब्ज़े से कॉलोनी हुई आज़ाद

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रायपुर। इस बार का स्वतंत्रता दिवस न्यू गायत्री नगर स्थित महामाया विहार कॉलोनी के लिए ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बन गया। देश की आज़ादी के 78वें पर्व के साथ यहां के रहवासियों ने अपनी कॉलोनी की “दूसरी आज़ादी” का भी उत्सव मनाया। जिस भूमि पर तिरंगा लहराते हुए भव्य समारोह आयोजित किया गया,  वह जगह  करीब पंद्रह सालों से अवैध कब्ज़े की जंजीरों में कैद थी। यह सिर्फ एक भूखंड नहीं, बल्कि कॉलोनी के लोगों के सपनों, बच्चों की हंसी और सामूहिक मेलजोल का प्रतीक था।
पिछले कई वर्षों से चले संघर्ष, शिकायतों, बैठकों और कानूनी प्रयासों के बाद, हाल ही में सामूहिक एकजुटता और अडिग हौसले के बल पर, इस सार्वजनिक निस्तार की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। आज, जब सूरज की पहली किरण के साथ तिरंगा यहां फहरा, तो हर चेहरे पर गर्व और संतोष की चमक साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर कॉलोनी के वरिष्ठ निवासी एल. डी. वैष्णव, डी.के. तिवारी, बी.पी. शर्मा और बी.के. सिंह ने कहा—”तिरंगे के नीचे खड़े होकर आज हमें महसूस हुआ कि आज़ादी का असली मतलब सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपने हक, सम्मान और अपनी धरती पर खुली सांस लेने का अधिकार भी है।”
कार्यक्रम में नरेन्द्र शर्मा, राहुल शर्मा, गिरीश मिश्रा, संजय दुबे, प्रताप जगवानी, विक्रम सरित के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में ने देशभक्ति गीत और कविता प्रस्तुत की गई, वहीं बुजुर्गों ने अतीत की यादें साझा कर नई पीढ़ी को संघर्ष की अहमियत समझाई। जैसे ही राष्ट्रीय गान की गूंज पूरे परिसर में फैली, वहां मौजूद हर दिल ने यह संकल्प लिया कि इस गार्डन की हरी-भरी खुशियों को अब कभी किसी कब्जे के साए में नहीं जाने देंगे।

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