Home मध्यप्रदेश इंदौर के रेलवे टेक्नीशियन ने बनाई कप्लर टेस्टिंग डिवाइस, लोको और रेल...

इंदौर के रेलवे टेक्नीशियन ने बनाई कप्लर टेस्टिंग डिवाइस, लोको और रेल कोच की केबल जांच में होगी तेजी

0

इंदौर
 रेलवे में तकनीकी जांच के क्षेत्र में एक नई और रोचक पहल सामने आई है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के इंदौर में पदस्थ इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन-वन भगवती लाल सालवी ने लोको इंजन और कोच को जोड़ने वाली बिजली की केबल की जांच के लिए एक यूआईसी कप्लर टेस्टिंग डिवाइस बनाई है। इस मशीन ने रेलवे कर्मचारियों का काम आसान कर दिया है और घंटों का काम मिनटों में पूरा हो रहा है।

इस नवाचार से न केवल रेलवे की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि यह तकनीकी दक्षता को भी बढ़ाएगा। सालवी की इस पहल ने रेलवे के कर्मचारियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है, जिससे वे अपने कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। समय की बचत होती तो ट्रेनों समय से रवाना की जा सकेंगी।

एक व्यक्ति ही 10 मिनट में कर लेगा परीक्षण

लोको और कोच की इन केबल की जांच के लिए पहले दो कर्मचारियों की आवश्यकता होती थी। ये कर्मचारी केबल की जांच आधे से एक घंटे में पूरा करते थे। इस समय को बचाने के लिए टेक्नीशियन-वन सालवी ने कप्लर टेस्टिंग डिवाइस बनाई।

इस डिवाइस के परीक्षण का कार्य अब सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा सिर्फ दस मिनट में किया जा सकता है। सालवी के इस नवाचार के लिए पश्चिम रेलवे के चीफ इंजीनियर डीके राठी ने मुंबई में 19 सितंबर को उन्हें पुरस्कृत किया। सालवी ने बताया कि इस डिवाइस के उपयोग से इंदौर में ट्रेनों के केबल की जांच हो रही है, जबकि पहले यह काम मैनुअल किया जाता था और इसमें अधिक समय लगता था।

एक ही व्यक्ति आसानी से सभी पिन की जांच करेगा

इस डिवाइस की विशेषता यह है कि लोको और कोच को जोड़ने वाली इस केबल में करीब 13 पिन होती हैं। इन्हें मैनुअल मल्टीमीटर से जांचने में आधे से एक घंटे से अधिक का समय लगता था और दो कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती थी। सालवी की बनाई डिवाइस से अब एक ही व्यक्ति आसानी से सभी पिन की जांच कर सकता है। इससे समय की बचत के साथ-साथ खराब केबल को तुरंत पहचान कर बदलने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। इससे ट्रेनों के संचालन में भी कोई देरी नहीं होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here