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घर में खाटू श्याम जी की फोटो लगाने से पहले ज़रूर जानें ये महत्वपूर्ण नियम, बरसेगी कृपा

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खाटू श्याम बाबा, जिन्हें हारे का सहारा और कलियुग के देव के रूप में पूजा जाता है, की कृपा जिस घर पर होती है, वहां सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। बाबा श्याम को भगवान श्री कृष्ण केशीश दानी रूप के तौर पर जाना जाता है। अगर आपने भी अपने घर को बाबा श्याम की पवित्र उपस्थिति से धन्य किया है, तो आपको उनकी तस्वीर या मूर्ति से जुड़ी वास्तु, पूजा विधि और पवित्रता के कुछ विशेष नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। नियमों की अनदेखी करने से पूजा का फल नहीं मिलता है और वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। तो आइए, जानते हैं वो कौन सी मुख्य बातें हैं, जिनका ध्यान रखकर आप बाबा श्याम की पूजा से अधिकतम आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने घर को उनकी कृपा से सदा भरा रख सकते हैं।

दिशा और स्थान का विशेष ध्यान रखें
खाटू श्याम बाबा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करते समय वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। वास्तु के अनुसार, पूजा-पाठ के लिए घर का उत्तर-पूर्व कोना सबसे शुभ माना जाता है। बाबा श्याम की फोटो या मूर्ति को इसी दिशा में स्थापित करना चाहिए। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होती है। अगर ईशान कोण में संभव न हो, तो आप उन्हें उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर भी लगा सकते हैं। बाबा श्याम का मुख कभी भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए क्योंकि इस दिशा को शुभ नहीं माना जाता है।

पवित्रता: फोटो या मूर्ति को शौचालय, बाथरूम या कूड़ेदान के पास वाली दीवार पर या उनसे सटकर कभी न लगाएं। साथ ही, जिस दीवार पर फोटो लगी हो, उसके ठीक पीछे भी कोई अशुद्ध स्थान नहीं होना चाहिए। उन्हें बेडरूम या रसोई घर में रखने से भी बचना चाहिए, हालांकि यदि अलग से पूजा घर न हो तो साफ़-सफाई का ध्यान रखते हुए रखा जा सकता है।

तस्वीर/मूर्ति का स्वरूप
घर के लिए बाबा श्याम की ऐसी तस्वीर सबसे अच्छी मानी जाती है जिसमें वे शांत मुद्रा में हों या अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए दिखाई दें। अगर तस्वीर खंडित या फटी हुई हो जाए, या मूर्ति में कोई दरार आ जाए, तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। पुरानी या खराब हुई तस्वीर को सम्मान पूर्वक किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर देना चाहिए और नई तस्वीर स्थापित करनी चाहिए। यदि आप मूर्ति स्थापित कर रहे हैं, तो घर के मंदिर के लिए 2 से 5 इंच तक की छोटी मूर्ति ही उचित मानी जाती है। बड़ी मूर्तियों की स्थापना केवल मंदिरों में ही की जाती है।

नियमित पूजा और देखभाल
बाबा श्याम की तस्वीर लगाने के बाद उनकी नियमित पूजा और देखभाल करना अनिवार्य है। उपेक्षा करने से दोष लग सकता है। रोजाना सुबह और शाम को उनकी पूजा, आरती और भोग लगाना चाहिए। बाबा श्याम के सामने नियमित रूप से घी का दीपक और धूप/अगरबत्ती जलानी चाहिए।  उन्हें मिष्ठान, मिश्री, या चूरमा का भोग लगाना शुभ माना जाता है। खासकर एकादशी के दिन उन्हें भोग अवश्य लगाएं।

मर्यादा और पवित्रता का पालन
बाबा श्याम की कृपा तभी प्राप्त होती है जब उनकी मर्यादा और पवित्रता का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाए। बाबा श्याम की पूजा हमेशा स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर ही करनी चाहिए। केवल बाहरी शुद्धता ही नहीं, बल्कि मन की पवित्रता भी जरूरी है। श्याम भक्त को गलत विचारों और कर्मों से बचना चाहिए।  यदि आप घर में बाबा श्याम की पूजा करते हैं, तो पूजा स्थल के आस-पास या घर में मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

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