Home उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ में यूपी...

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ में यूपी देश में नंबर वन

0

लखनऊ,

 तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने और युवाओं को तंबाकू के सेवन से दूर रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर देश में पहला स्थान हासिल किया। केंद्र सरकार के टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 के तहत आयोजित ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ अभियान में वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में सबसे ज्यादा भागीदारी दर्ज की । इस सूची में उत्तर प्रदेश के बाद हरियाणा दूसरे, राजस्थान तीसरे और दिल्ली चौथे स्थान पर रही।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण के इस अभियान में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशों के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्ष 2024-25 में भी टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 2.0 के दौरान ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ में देश में शीर्ष स्थान हासिल किया था। लगातार दूसरे वर्ष यह उपलब्धि राज्य के युवाओं, स्कूलों, स्वास्थ्य विभाग और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की टीम के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है।

टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 की शुरुआत 09 अक्टूबर 2025 से हुई थी। यह राष्ट्रीय अभियान शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें तंबाकू का उपयोग न करने की शपथ लेने के लिए प्रेरित करना और तंबाकू मुक्त पीढ़ी का निर्माण करना है। इस अभियान के तहत स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, शिक्षकों का प्रशिक्षण, तंबाकू मुक्त संस्थानों की घोषणा और ऑनलाइन शपथ जैसी कई गतिविधियां आयोजित की गईं। उत्तर प्रदेश में इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया गया। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी कर ऑनलाइन शपथ ली। इसके अलावा लोगों को तंबाकू की लत छोड़ने में सहायता देने के लिए भी विभिन्न सेवाएं संचालित की गईं। केंद्र सरकार के तंबाकू मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मील का पत्थर साबित हो रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here