Home धर्म बिल्ली रास्ता काटे तो क्यों रुकते हैं लोग? जानें शकुन शास्त्र की...

बिल्ली रास्ता काटे तो क्यों रुकते हैं लोग? जानें शकुन शास्त्र की मान्यताएं

0

 बचपन से हम अपने बड़े-बुजुर्गों से सुनते आ रहे हैं कि बिल्ली अगर रास्ता काट जाए तो 10 मिनट के लिए रुक जाना चाहिए. शकुन शास्त्र में भी बिल्ली का रास्ता काटना एक बहुत ही पुराना और प्रचलित शकुन-अपशकुन माना जाता है. लेकिन इसके पीछे सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि पुराने समय की कुछ व्यवहारिक वजहें भी थीं.

शकुन शास्त्र के अनुसार मान्यताएं
शकुन शास्त्र में बिल्ली यानी विशेषकर काली बिल्ली का रास्ता काटना सामान्यतः अशुभ या किसी आने वाले संकट का संकेत माना जाता है.

राहु ग्रह से संबंध
ज्योतिष और शकुन शास्त्र में बिल्ली को राहु ग्रह की सवारी या उससे संबंधित जीव माना गया है. राहु को दुर्घटनाओं, रुकावटों और नकारात्मक ऊर्जा का कारक माना जाता है. इसलिए माना जाता है कि अगर बिल्ली रास्ता काटती है, तो राहु का नकारात्मक प्रभाव आपके काम में बाधा डाल सकता है.

बाईं से दाईं ओर जाना
कुछ मान्यताओं के अनुसार, अगर बिल्ली बाईं ओर से दाईं ओर रास्ता काटती है, तो उसे अधिक अशुभ माना जाता है.

अधूरे काम की चेतावनी
ऐसा माना जाता है कि यदि आप किसी जरूरी काम से बाहर जा रहे हैं और बिल्ली रास्ता काट दे, तो उस कार्य में असफलता या देरी हो सकती है.

बिल्ली का रोना या लड़ना
केवल रास्ता काटना ही नहीं, बल्कि यदि घर या उसके आसपास बिल्लियां आपस में लड़ रही हों या उनके रोने की आवाज आए, तो उसे भी शकुन शास्त्र में गृह-क्लेश (घर में झगड़े) या धन-हानि का संकेत माना जाता है.

छींकना
यदि बिल्ली आपके सामने आकर छींक दे, तो इसे शकुन शास्त्र में एक बड़ा अपशकुन माना जाता है, और ऐसी स्थिति में थोड़ी देर रुक कर यात्रा शुरू करने की सलाह दी जाती है.

यदि बिल्ली रास्ता काट दे, तो क्या करें?
अगर आप इन मान्यताओं को मानते हैं या मन में कोई शंका आती है, तो लोक परंपराओं में इसके कुछ सरल उपाय बताए गए हैं.

थोड़ी देर रुक जाएं: रास्ता काटने पर एक-दो मिनट के लिए वहीं रुक जाएं. शकुन शास्त्र के अनुसार, आपके बाद अगर कोई दूसरा व्यक्ति या वाहन वहां से गुजर जाता है, तो उसका दोष समाप्त हो जाता है.

जल का छिड़काव: यदि पास में पानी हो, तो थोड़ा सा जल जमीन पर छिड़क दें या पानी पीकर आगे बढ़ें.

भगवान का स्मरण: अपने ईष्ट देव का नाम लें या हनुमान चालीसा की एक पंक्ति पढ़ लें. इससे मन का डर और नकारात्मक विचार दूर हो जाते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here