
बिजनौर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री बिजनौर आने से बचते थे और इसे अपशकुन मानते थे। दरअसल, वह स्वयं अपशकुन थे, इसलिए बिजनौर उन्हें स्वीकार नहीं करता था। जिस धरती पर भगवान श्रीकृष्ण महात्मा विदुर के घर साग खाने आए हों और जहां मां गंगा का पावन सानिध्य प्राप्त होता हो, उस पवित्र भूमि पर आने से कोई कैसे मना कर सकता है। आज बिजनौर विकास की नई पहचान बन चुका है। जनपद में हाईवे, रेलवे, मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है। अब विकास का पैमाना लखनऊ नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुने गए सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि तय करते हैं। बिजनौर की समृद्धि, किसानों की मेहनत, युवाओं की ऊर्जा, व्यापारियों के नवाचार और नगीना के कारीगरों की उद्यमशीलता जनपद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को बिजनौर एवं चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1003 करोड रुपए से अधिक लागत की 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इसके साथ ही सीएम योगी ने विभिन्न लाभार्थियों को चेक/प्रमाण पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम स्थल में प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान सीएम ने दो खिलाड़ियों को मेडल भी दिए।
हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को दंगायुक्त, गुंडायुक्त और माफियाराज वाला बिजनौर चाहिए था, वे बांटने वाले लोग हैं, जिन्हें जिन्ना पसंद हैं। हमें जिन्ना नहीं, हमें गन्ना पसंद है। इसी सोच के साथ सरकार ने गन्ना किसानों का मूल्य बढ़ाया है और प्रदेश को अपराध, दंगा, कर्फ्यू व माफिया से मुक्त बनाया है। पहले की सरकारें अपराध व उपद्रव पर नियंत्रण नहीं कर पाती थीं, इसलिए कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर रोक लगा दी जाती थी। अब कानून-व्यवस्था मजबूत होने के कारण ये सभी धार्मिक आयोजन धूमधाम से संपन्न हो रहे हैं। आज प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं, व्यापारी निर्भय होकर कारोबार कर रहे हैं और किसान बिना डर के अपने खेतों में जा रहे हैं। बिजनौर का तेजी से हो रहा विकास जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का परिणाम है। सांसद और विधायक लगातार लखनऊ और दिल्ली में जनपद की विकास योजनाओं की पैरवी करते हैं, जिसके चलते विकास कार्य तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं।
नर्सिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा
सीएम ने कहा कि बिजनौर के समग्र विकास के लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी थी और प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में यह विकास धरातल पर दिखाई दे रहा है। सरकार गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर से होकर हरिद्वार तक जोड़ने की दिशा में काम करेगी। मेडिकल कॉलेज के बाद अब नर्सिंग कॉलेज की आधारशिला भी रख दी गई है, जिससे स्वास्थ्य शिक्षा को नई गति मिलेगी। अब बिजनौर की बेटियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा। नर्सिंग क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी दी जा सकती है, इसलिए यह संस्थान जिले की बेटियों के लिए नए रोजगार और बेहतर भविष्य का माध्यम बनेगा।
अब माफिया व अपराध मुक्त है बिजनौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो विकास कार्य आज हो रहे हैं, वे 2017 से पहले भी हो सकते थे, लेकिन उस समय इच्छाशक्ति का अभाव था। जनप्रतिनिधियों ने मुझसे कहा था कि गन्ना मूल्य 400 रुपये तक हो जाए तो अच्छा रहेगा। मैंने कहा, चिंता मत करिए, हम 400 रुपये ही कर देंगे। 2017 से पहले गन्ना किसानों को 10-10 वर्षों तक भुगतान नहीं मिलता था, नई गन्ना किस्में उपलब्ध नहीं कराई जाती थीं, किसान परेशान था, नौजवान पलायन कर रहा था और व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे। वर्ष 2016 में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए के एक डिप्टी एसपी और उनकी पत्नी की बिजनौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जो उस समय की कानून-व्यवस्था की स्थिति दर्शाता है। उस दौर में माफिया व अपराधियों का बोलबाला था, जबकि आज सरकार के संकल्प के अनुरूप बिजनौर माफिया व अपराध से मुक्त होकर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
समाज को बांटने वालों से सावधान रहें
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर देश विभाजन का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक खामियाजा विस्थापित सिख व हिंदू परिवारों को उठाना पड़ा। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं व दलितों पर हो रहे अत्याचारों का भी उल्लेख किया। सीएम ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और योगेंद्र नाथ मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने देश-समाज के हित में काम किया, जबकि योगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान चले गए और बाद में उन्हें लौटना भी पड़ा। आज भी कुछ लोग नाम बाबा साहब का लेकर काम योगेंद्र नाथ मंडल वाला कर रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल जाति के नाम पर समाज को बांटने और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की जरूरत है। इन लोगों के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है। डबल इंजन सरकार ने किसानों की कर्जमाफी, कृषक दुर्घटना बीमा, गरीबों को आवास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है।
पहले 100 में 85 रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते थे, अब पूरा पैसा सीधे बैंक खाते में
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केंद्र से भेजा गया धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। पूर्व प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पहले 100 रुपये भेजने पर केवल 15 रुपये ही जरूरतमंद तक पहुंचते थे, जबकि बाकी पैसा बीच में ही खा लिया जाता था। यही लोग आज सपा व कांग्रेस के रूप में जनता के सामने हैं। पहले गरीबों के राशन, किसानों, छात्रवृत्ति, आवास, पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं का पैसा बीच में ही गायब हो जाता था, लेकिन अब डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं का पैसा एक क्लिक पर सीधे खातों में पहुंच रहा है। साथ ही राशन वितरण की भी डिजिटल निगरानी की जा रही है और गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई होती है।
विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं
सीएम ने दोहराया कि प्रदेश सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। जनप्रतिनिधियों से सड़कों, पुल व फ्लाईओवर की जरूरतों के मुताबिक प्रस्ताव मांगे गए हैं। उन्होंने मंच से विधायक शुचि चौधरी की फ्लाईओवर की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि प्रस्ताव मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य हर गांव को बेहतर सड़क संपर्क देना, किसानों के चेहरे पर खुशहाली लाना और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। अब बिजनौर के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को भी पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। जिले के युवा अपना उद्यम भी स्थापित कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू राज्य' से देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में पहुंचाने का काम किया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निम्न लाभार्थियों को चेक/प्रमाण पत्र व स्वीकृत पत्र वितरित किए।
अनुष्का सिसौदिया (नियुक्ति पत्र)
नैना (कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कार्ड)
शिखा रानी (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक)
हरबीर सिंह (कस्टम हायरिंग योजना के तहत सेंटर की चाभी)
जानी देवी (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत पत्र)
अनुज कुमार गुप्ता (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत 50 हजार रुपये का चेक)
मोनिका (आंगनवाड़ी कार्यकत्री नियुक्ति पत्र)
अनीता देवी (नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत नंदनी कृषक समृद्धि योजना के लिए 21 लाख रुपये से अधिक का चेक)
करतार सिंह (मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख रुपये का चेक)
निशा (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना के तहत 4.5 लाख रुपये का चेक)
मीनू (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
सुशीला, रिंकी (राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 11 करोड़ रुपये का चेक)
संजो देवी (दुघर्टना राहत के तहत 38 लाख का चेक)
गौरव कुमार (पंचायत कल्याण कोष योजना के तहत 10 लाख का चेक)
रिचा अग्रवाल (प्रशस्ति पत्र)
इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन चौहान, विधान परिषद सदस्य डॉ. हरी सिंह ढिल्लों, अशोक कटारिया, डॉक्टर जयपाल सिंह व्यस्त, विधायक सुचि चौधरी, अशोक कुमार राणा, ओम कुमार, कुंवर सुशांत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी शाकेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, प्रदेश मंत्री दीप माला संतोषी, क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष ओमपाल कश्यप, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष इंदिरा सिंह आदि मौजूद रहे।


