
कुछ ही दिनों में सावन का पावन महीना शुरू होने वाला है. जिसके साथ ही, वर्षा ऋतु का आगमन हो जाता है. यह समय प्रकृति के सबसे सुंदर रूप का होता है और पौधे लगाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में कुछ विशेष पौधे लगाने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है. आज हम पंडित शैलेंद्र पांडेय से जानेंगे कि सावन में कौन-कौन से पौधे लगाने चाहिए और उनसे आपको क्या लाभ मिल सकते हैं.
तुलसी का पौधा
तुलसी का पौधा अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. इसे सावन या कार्तिक महीने में लगाना सबसे उत्तम होता है. तुलसी को घर के आंगन या बीच में लगाना चाहिए. यह वैवाहिक जीवन को सुखद बनाता है, स्वास्थ्य बेहतर करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है. रोज शाम को तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाना और परिक्रमा करना शुभ होता है. सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते खाने से बुद्धि और वाणी प्रखर होती है और संतान संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं.
केले का पौधा
सावन में केले का पौधा लगाना भी बेहद शुभ माना गया है. इसे सावन की एकादशी या बृहस्पतिवार के दिन लगाना बेहतर होता है. केले का पौधा हमेशा घर के पीछे लगाना चाहिए, सामने नहीं. इसकी नियमित पूजा और जल अर्पित करने से वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. बृहस्पतिवार के दिन इसकी पूजा करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और विवाह के योग भी बनते हैं.
अनार का पौधा
अनार का पौधा भी सावन में लगाया जा सकता है. इसे घर के मुख्य द्वार से थोड़ी दूरी पर लगाना चाहिए. यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और नजर दोष तथा तंत्र-मंत्र के प्रभाव से रक्षा करता है. अगर जीवन में कोई बड़ी समस्या हो तो अनार के फूल को शहद में डुबोकर जल में प्रवाहित करने से कष्ट कम होते हैं.
शमी का पौधा
शमी का पौधा विशेष रूप से शनि दोष को शांत करने के लिए जाना जाता है. इसे सावन के किसी भी शनिवार को शाम के समय लगाना शुभ होता है. इसे घर के मुख्य द्वार के बाईं ओर लगाना चाहिए. शनिवार के दिन इसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में बाधाएं कम होती हैं. दशहरे के दिन शमी की पूजा करने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है.
पीपल का पौधा
पीपल का पौधा अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन इसे घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए. इसे सड़क किनारे या किसी सार्वजनिक स्थान पर लगाना बेहतर होता है. सावन के महीने में किसी भी दिन, खासकर बृहस्पतिवार को इसे लगाया जा सकता है. पीपल की पूजा और परिक्रमा करने से संतान संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है. शनिवार के दिन पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि की स्थिति अनुकूल होती है.


