
लखनऊ
यूपी में अगस्त महीने के लिए फ्री राशन वितरण की डेट आ गई है। अगस्त माह के राशन का नि:शुल्क वितरण 5 अगस्त (बुधवार) से शुरू हो जाएगा। राशन का वितरण 18 अगस्त तक किया जाएगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन मिलेगा। इसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल होगा। जबकि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल (प्रति यूनिट पांच किलो राशन) दिया जाएगा।
कोटे की दुकान पर अगस्त महीने का फ्री राशन का वितरण दो पालियों में किया जाएगा। राशन कार्डधारक सुबह आठ बजे से 12 बजे तक किया जाएगा और इसके बाद फिर दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक नि:शुल्क राशन प्राप्त कर सकते हैं। डीएसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कार्डधारक नि:शुल्क राशन वितरण से संबंधित शिकायत टोल फ्री नम्बर 1967 व 1800-1800-150 पर कर सकते हैं। उचित दर की दुकानों पर पोर्टेबिलिटी की सुविधा मिलेगी। इस दौरान आधार प्रमाणीकरण के जरिए राशन प्राप्त न पाने वाले लाभार्थियों को मोबाइल ओटीपी वेरीफिकेशन के जरिए नि:शुल्क राशन का वितरण अंतिम दिन 18 अगस्त को किया जाएगा।
10 जिलों में तीन करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच रहा फ्री राशन
प्रदेश के केवल 10 जिलों में ही तीन करोड़ से अधिक लोगों तक मुफ्त राशन पहुंच रहा है। इसमें प्रयागराज जिले में सबसे अधिक 42.10 लाख से अधिक लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसके बाद जौनपुर में 34.93 लाख से अधिक, सीतापुर में 34.05 लाख से अधिक, आजमगढ़ में 33.41 लाख से अधिक, बरेली में 31.69 लाख से अधिक, हरदोई में 31.32 लाख से अधिक, लखीमपुर खीरी में 31.18 लाख से अधिक, गोरखपुर में 31.03 लाख से अधिक, आगरा में 30.68 लाख से अधिक तथा लखनऊ में 30.10 लाख से अधिक लाभार्थियों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। इससे यह साबित होता है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा का मजबूत नेटवर्क है।
लाभार्थियों तक समय पर पहुंच रहा खाद्यान्न
सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़कर इसे अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया गया है। ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं ने राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाई है। इससे पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंच रहा है और वितरण व्यवस्था में जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। यही कारण है कि राशन वितरण प्रणाली पर आम लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।


