राजस्थान की शाही मिठाई मावा फीणी का स्वाद, जानिए बनाने की आसान विधि

    0

     राजस्थान अपनी समृद्ध संस्कृति, शाही इतिहास और बेमिसाल खान-पान के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. यहां की डिशेज में जो स्वाद और विविधता मिलती है, वह अनोखा है. जब बात राजस्थानी मिठाइयों की होती है, तो मावा फीणी का नाम सबसे खास मिठाइयों की फेहरिस्त में आता है.

    खासतौर जोधपुर और जयपुर की पहचान मानी जाने वाली यह मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि इसे बनाने की कला भी अपने आप में अनोखी है. राजस्थानी मावा फीणी केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध पाक-कला की एक जिंदा मिसाल भी है.

    अगर आप भी राजस्थान के शाही स्वाद का मजा लेना चाहते हैं, तो मावा फीणी का अनुभव एक बार जरूर करें.  

    क्या है मावा फीणी की खासियत?
    मावा फीणी पारंपरिक फीणी का ही एक समृद्ध रूप है. साधारण फीणी जहां केवल मैदे और चाशनी के महीन लच्छों से बनती है, वहीं मावा फीणी में इन क्रिस्पी लच्छों के ऊपर भुने हुए मावे, ड्राई फ्रूट्स और इलायची की स्वादिष्ट परत चढ़ाई जाती है.

    जब देसी घी में तली हुई कुरकुरी फीणी पर हल्की गुनगुणी चाशनी और मलाईदार मावे की कोटिंग होती है, तो इसका हर एक बाइट मुंह में जाते ही घुल जाता है.

    राजस्थानी मावा फीणी के लिए सामग्री
    फीणी के लिए
        2 कप मैदा
        2 बड़े चम्मच दही
        4-5 बड़े चम्मच देसी घी
        2 बड़े चम्मच मैदा, साटा बनाने के लिए
        जरूरत के अनुसार पानी
        तलने के लिए देसी घी

    चाशनी के लिए
        1 कप चीनी
        ½ कप पानी
        4-5 केसर के धागे
        ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर

    मावे की परत के लिए
        200 ग्राम मावा/खोया
        1-2 बड़े चम्मच चीनी
        2 बड़े चम्मच कटे हुए बादाम
        2 बड़े चम्मच कटे हुए पिस्ते
        ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर

    गार्निश के लिए
        कुछ केसर के धागे
        बारीक कटे बादाम-पिस्ते

    मावा फीणी बनाने का तरीका
    लच्छे तैयार करना: मैदे और दही का एकदम नरम आटा गूंथकर, उस पर देसी घी और मैदे का साटा लगाया जाता है. इसके बाद आटे को बार-बार खींचकर और मोड़कर धागे जैसे बेहद बारीक लच्छे बनाए जाते हैं.

    देसी घी में तलना: इन लच्छों को गोल आकार देकर धीमी आंच पर देसी घी में तला जाता है, जिससे यह पूरी तरह सुनहरी और क्रिस्पी हो जाती है.

    चाशनी और मावे की परत: तली हुई फीणी पर केसर-इलायची वाली चाशनी डाली जाती है और आखिर में भुने हुए मावे, कटे हुए बादाम-पिस्ते से सजाया जाता है.

    त्योहारों की शान है मावा फीणी
    राजस्थान में तीज, गणगौर और सावन में मावा फीणी की मांग बहुत बढ़ जाती है. सर्दियों के दिनों में इसे गरमा-गरम दूध के साथ खाना बेहद पसंद किया जाता है. अपनी बेहतरीन शेल्फ लाइफ के कारण लोग इसे त्योहारों पर अपनों को गिफ्ट के तौर में देना भी पसंद करते हैं.

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here