
भोपाल
मध्यप्रदेश कई जिलों में फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं हो सकती है, दरअसल मौसम विभाग ने गुरुवार 27 अगस्त को 17 जिलों भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है. वहीं, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है. जबकि ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी में कुछ निचले इलाकों और जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है।
टीकमगढ़ : नदी-नाले उफने, कई रास्ते बंद
टीकमगढ़ में 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिले में औसतन 2.6 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि पलेरा और मोहनगढ़ में करीब 4 इंच पानी गिरा। रातभर की बारिश से टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर पूनौल नाला और टीकमगढ़-छतरपुर रोड पर बल्देवगढ़ का नाला उफान पर है।
टीकमगढ़-लिधौरा रोड पर भी पानी बह रहा है। इससे कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। शहर की भटनागर और कौशलपुरी कॉलोनी में भी जलभराव हो गया। जिले में अब तक 27.6 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है।
17 जिलों में 4 इंच तक बारिश का अनुमान
मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को पूर्वी और उत्तरी मध्यप्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब 2.5 से 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है. भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में विदिशा, गुना, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।
सागर-रीवा-शहडोल संभाग पर ज्यादा असर
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' मानसूनी सिस्टम का असर सागर, रीवा और शहडोल संभाग में ज्यादा रहने की संभावना है. यहां कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और डिंडोरी समेत कई जिलों में भी बारिश के आसार हैं।
पुलों के ऊपर बह रहा पानी
टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर दिगौड़ा के पास पूनौल नाला और दिगौड़ा बस्ती के सरपट नाला पर पुल के ऊपर करीब 2 फीट पानी बह रहा है। सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
देहात थाना क्षेत्र के हीरानगर बावरी पुल, अस्तोन चौकी के नचनवारा, लिधोराखास और इकबालपुरा-मड़ियांव घाट पुल पर पानी अधिक होने के कारण आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित और बंद कर दिया गया है।
इसके अलावा खरों-महेवा चक्र रोड और कटेरा रोड स्थित सुखनई नदी पुल पर भी पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है।
जिला प्रशासन मुस्तैद
बढ़ते जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। सभी संबंधित राजस्व अधिकारियों, पटवारियों, पंचायत अमले के साथ पीडब्ल्यूडी, एनएच और पीएमजीएसवाई की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के साथ-साथ मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र भी पूरी तत्परता के साथ मैदान में तैनात हैं।
बानसुजारा बांध के खोले गए गेट
लगातार आवक बढ़ने के कारण बानसुजारा बांध का जलस्तर भी बढ़ गया है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 315.10 मीटर दर्ज किया गया है। जबकि पूर्ण भराव क्षमता 316.50 मीटर है।
बांध में पानी की आवक 180 घन मीटर प्रति सेकंड बनी हुई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से बांध के 3 गेट खोलकर 198 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है।
बीते 24 घंटों में 2.6 इंच बारिश
मौसम विभाग और भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बीते 24 घंटों में औसत वर्षा 67.3 यानी मिलीमीटर 2.6 इंच दर्ज की गई है। 1 जून से अब तक जिले में कुल 700.1 मिलीमीटर औसत वर्षा हो चुकी है, जो कि सामान्य कोटे का लगभग 70 प्रतिशत है।
पांच जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
भारी बारिश के साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है. मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड जोखिम पूर्वानुमान के अनुसार, '' भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और निचले इलाकों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ की आशंका है. वहीं, लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने और जल निकासी प्रभावित होने पर निचले इलाकों में पानी तेजी से भर सकता है. ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
टीकमगढ़ में उफान पर नाले, कई रास्तों पर असर
भारी बारिश का असर टीकमगढ़ में भी दिखाई दे रहा है. पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश होने के कारण जिले में औसतन करीब 2.6 इंच बारिश दर्ज हुई है. पलेरा और मोहनगढ़ में करीब 4 इंच तक पानी गिरा. वहीं, बारिश के बाद टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर पूनौल नाला और टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग पर बलदेवगढ़ का नाला उफान पर आ गया. टीकमगढ़-लिधौरा मार्ग पर भी सड़क के ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ है. इधर शहर की भटनागर और कौशलपुरी कालोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. इसके साथ ही ओरछा में 155 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. जीरापुर और निवाड़ी में भी 100 मिलीमीटर से ज्यादा पानी गिरा. इसके बाद नदी-नालों के जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है।
भोपाल में 38 इंच बारिश, सामान्य कोटे से सिर्फ आधा इंच दूर
राजधानी भोपाल में बुधवार को दिनभर घने बादल छाए रहे. शाम को शहर के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. बता दें कि भोपाल में अब तक 961.8 मिलीमीटर यानी करीब 38 इंच बारिश हो चुकी है. शहर की सीजन की औसत बारिश 1066 मिलीमीटर (42 इंच) है. ऐसे में सामान्य बारिश का कोटा पूरा होने में अब सिर्फ 4 इंच बारिश की जरूरत है. अगस्त में अब तक 440.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जिससे इस महीने की बारिश ने पिछले अगस्त का रिकार्ड भी पीछे छोड़ दिया है।


