
मिस क्लासिक इंडिया छत्तीसगढ़ में गीत सिंह फर्स्ट रनर-अप
पढ़ाई के साथ पेजेंट्री में भी गीत सिंह ने लहराया परचम
आत्मविश्वास और शानदार प्रस्तुति से बनाई खास पहचान
बिलासपुर
शहर की प्रतिभाशाली बेटी गीत सिंह ने पेजेंट्री के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘मिस क्लासिक इंडिया छत्तीसगढ़’ प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर-अप का खिताब हासिल किया। 3 सितंबर को बिलासपुर में एनजी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गीत ने अंतिम चरण तक अपनी जगह बनाई और उपविजेता का खिताब अपने नाम किया।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को ट्रेडिशनल, वेस्टर्न सहित विभिन्न राउंड से गुजरना पड़ा। गीत ने प्रत्येक चरण में पूरे आत्मविश्वास, प्रभावशाली व्यक्तित्व और शानदार प्रस्तुति के साथ निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच फर्स्ट रनर-अप का खिताब हासिल करना उनकी मेहनत और निरंतर तैयारी का परिणाम माना जा रहा है।
पढ़ाई और पेजेंट्री के बीच शानदार संतुलन
गीत सिंह हेल्थ एंड मेडिसिन के क्षेत्र में अध्ययनरत हैं और कॉलेज में भी अच्छे अंक हासिल कर रही हैं। पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए वह अपने शौक और प्रतिभा के लिए भी समय निकाल रही हैं। उनका कहना है कि शिक्षा और प्रतिभा दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना ही उनके लक्ष्य का हिस्सा है।
पेजेंट्री के क्षेत्र में यह गीत की पहली उपलब्धि नहीं है। इससे पहले भी वह कई प्रतियोगिताओं में टॉप फाइनलिस्ट रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘मिस मॉनसून क्वीन छत्तीसगढ़’ और ‘मिस बेस्ट एटीट्यूड छत्तीसगढ़’ जैसे खिताब भी अपने नाम किए हैं। लगातार मिल रही उपलब्धियों के साथ गीत पेजेंट्री और मॉडलिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।
सामाजिक सेवा से भी जुड़ी हैं गीत
सतीश सिंह की सुपुत्री गीत सिंह अपनी उपलब्धियों का श्रेय परिवार के सहयोग, मेहनत और निरंतर प्रयासों को देती हैं। मॉडलिंग और पेजेंट्री के साथ गीत एनजीओ के माध्यम से सामाजिक सेवा गतिविधियों से भी जुड़ी हुई हैं। उनका मानना है कि बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ अपनी प्रतिभा, रुचि और सपनों को आगे बढ़ाने का समान अवसर मिलना चाहिए।
गीत की उपलब्धि शहर की उन बेटियों के लिए प्रेरणादायी संदेश है, जो पढ़ाई के साथ अपने सपनों को भी उड़ान देना चाहती हैं। उन्होंने साबित किया है कि मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से शिक्षा के साथ प्रतिभा के क्षेत्र में भी सफलता हासिल की जा सकती है।


