
नई दिल्ली
3 अक्टूबर 2026 का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन सकता है. इस दिन भारत की दो मेन्स क्रिकेट टीमें एक साथ दो अलग-अलग देशों में मैदान पर उतर सकती हैं. एक टीम मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला खेलेगी, जबकि दूसरी टीम जापान में एशियन गेम्स मेडल के लिए मुकाबला करती नजर आ सकती है.
भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का तीसरा एवं आखिरी मुकाबला 3 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से निर्धारित है. इसी दिन जापान के निशिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के ब्रॉन्ज और गोल्ड मेडल मैच खेले जाएंगे. भारत फाइनल का टिकट हासिल करता है तो वो 3 अक्टूबर को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के लिए उतरेगा. सेमीफाइनल में हारने की स्थिति में टीम ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेगी.
यह भी पढ़ें: शेफाली को सेंडऑफ देना पड़ा महंगा, पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना पर
ICC का तगड़ा एक्शन
बता दें कि भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम को एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है. टीम 28 सितंबर को ग्रुप-ए में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगी. इस ग्रुप में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल शामिल हैं. क्वार्टर फाइनल जीतने वाली टीम 1 अक्टूबर को सेमीफाइनल खेलेगी. भारतीय टीम एशियन गेम्स में मौजूदा चैम्पियन भी है. उसने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में मेन्स क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था.
एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम को महज युवा या दूसरे दर्जे की टीम कहना मुश्किल होगा. श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है, जबकि टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम शामिल हैं.
1998 में बना था ऐसा संयोग
भारत के लिए एक ही दिन दो अलग-अलग देशों में दो मेन्स टीमों के खेलने की स्थिति नई नहीं है. इससे पहले 12 सितंबर 1998 को ऐसा हुआ था. कुआलालंपुर में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले, अजय जडेजा और वीवीएस लक्ष्मण जैसे सितारों से सजी भारतीय टीम ने कनाडा को 112 रनों से हराया था. भारत ने उस मैच में 157/9 का स्कोर बनाया. फिर अनिल कुंबले (11 रन देकर 4 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत कनाडा को सिर्फ 45 रनों पर समेट दिया.
उसी दिन टोरंटो में दूसरी भारतीय टीम ने सहारा फ्रेंडशिप कप में पाकिस्तान का सामना किया था. मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी वाली उस टीम में सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, नवजोत सिंह सिद्धू, जवागल श्रीनाथ और अजीत अगरकर जैसे खिलाड़ी थे. गांगुली ने 54 रन बनाए और तीन विकेट भी लिए, जिसके दम पर भारत ने पाकिस्तानी टीम को छह विकेट से हराया था.
1998 में दो अलग-अलग टीमों की जरूरत एक साथ आई थी, लेकिन 2026 की स्थिति भारतीय क्रिकेट की मौजूदा गहराई को दिखाने वाली हो सकती है. एक तरफ ओडीआई टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी हो सकते हैं, वहीं दूसरी ओर एशियन गेम्स की टीम भी इंटरनेशनल और आईपीएल अनुभव से भरी होगी.


