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₹450 करोड़ के रानी कमलापति स्टेशन पर भैंसों का डेरा, प्लेटफॉर्म पर गोबर से मचा हड़कंप

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भोपाल
वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन लगातार बदहाली को लेकर सुर्खियों में है। अब जो तस्वीरें सामने आएंगी, उसे देखकर आपको घिन आएगी। एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के लिए पहचान रखने वाले स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भैंसें टहल रही हैं। यही नहीं प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ है।

प्लेटफॉर्म पर है भैंसें घूम रहीं
दरअसल, रानी कमलापति स्टेशन मध्य प्रदेश की सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन है। मगर अपनी सुविधाओं से ज्यादा इस स्टेशन की चर्चा अब बदहाली को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्टेशन के फ्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर भैंसें की दिख रही हैं। इस दौरान वहां से ट्रेनें भी गुजरती दिख रही हैं।

गोबर भी फैला हुआ
स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ दिख रहा है। इसके बाद साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस स्टेशन के मेंटेंनेंस की जिम्मेदारी निजी हाथों में है। हर सुविधा के नाम पर यात्रियों से पैसे वसूलती है लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।

टॉयलेट के लिए लगता है चार्ज
कथित आधुनिक सुविधाओं के नाम पर स्टेशन पर यात्रियों से टॉयलेट के लिए भी शुल्क वसूला जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यात्री जब स्टेशन पर आएंगे तो टॉयलेट के लिए कहां जाएंगे। इससे पहले स्टेशन पर पेयजल की सुविधा को लेकर भी सवाल उठे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेशन का उद्घाटन किया था। पहले यह हबीबगंज के नाम से जाना जाता था। इसे निजी हाथों में देकर विकसित किया गया। इसके बाद नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है।

रेलवे बोला- मामले को दिखवा रहे हैं 
मामले को लेकर जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने कहा कि वह पूरे मामले को दिखवाएंगे. उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और बंसल के पास है. सुरक्षा में कहीं कोई चूक सामने आती है तो रेलवे, बंसल के साथ मिलकर उसे सुधारने का काम करता है। 

उन्होंने यह भी बताया कि कई बार आउटर की तरफ का हिस्सा खुला रह जाता है, जिसकी वजह से जानवर स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकते हैं. इसके अलावा रेलवे पटरी के आसपास लोग खाने-पीने का सामान भी फेंक देते हैं. खाने की तलाश में जानवर रेलवे ट्रैक और स्टेशन की तरफ आ जाते हैं। 

यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
हालांकि रेलवे का तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि अगर एक भैंस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकती है तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें लगातार आती-जाती हैं और बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं. ऐसे में किसी आवारा पशु के अचानक ट्रेन की चपेट में आने या यात्रियों से टकराने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। 

फिलहाल रेलवे ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही है. अब देखना होगा कि भैंसें स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचीं और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए रेलवे और स्टेशन प्रबंधन क्या कदम उठाता है। 

 

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