
कानपुर
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव को उन्हीं के फार्म हाउस में बंधक बनाकर 32 लाख की लूट का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। उन्होंने खुद इस संबंध में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से पूरी जानकारी ली। इसके बाद जल्द वारदात का खुलासा करने के निर्देश दिए। उधर, लूटकांड की गाज सेन पश्चिम पारा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार पर गिरी। पुलिस आयुक्त के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले के खुलासे में पुलिस की आठ टीमें लगी हैं।
सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के नेवरी गांव में बिधनू के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रमेश यादव को उन्हीं के फार्म हाउस में तमंचे और चाकू के बल पर बंधक बनाकर दो बदमाशों ने करीब 32 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। फार्म हाउस के पीछे की दीवार फांदकर अंदर आए नकाबपोश लुटेरों ने हाथ-पैर बांधकर उनके मुंह पर टेप लगा दिया था। इसके बाद सोने की चेन-कड़ा और अंगूठी व रॉडो की घड़ी उतार ली थी।
बेडरूम में ले जाकर अलमारी में रखे 12 लाख रुपये भी लूट लिए थे। अंत में रमेश यादव को बाथरूम में बंद कर पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गए थे। पुलिस सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है। लूट की इस दुस्साहसिक वारदात के बाद सेन पश्चिम थाना प्रभारी प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
अपराधियों की खंगाल रहे कुंडली
पुलिस बीटीएस टॉवर डंप करने के साथ ही आसपास के अपराधियों की कुंडली भी खंगाल रही है। पुलिस के मुताबिक ऐसे दो दर्जन से ज्यादा शातिरों की कुंडली खंगाली जा रही है। बीटीएस टॉवर डंप में 35 हजार से ज्यादा नंबर आए हैं। इनमें लगातार उसे क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले बाहरी नंबरों की पड़ताल की जा रही है। एक दो दिन में सूची से संदिग्ध नंबर सामने आ जाएंगे। भाजपा नेता के साथ रहने वाले निजी सुरक्षा कर्मियों व उनके सेवादारों की भी कुंडली पुलिस खंगाल रही है।
सवाल, ग्राम प्रधान ने क्यों दी तहरीर
पुलिस लूटकांड की वारदात को लेकर सवालों में उलझी हुई हैं। सबसे पहला सवाल है कि वारदात भाजपा नेता रमेश यादव के साथ हुई है तो नेवरी ग्राम प्रधान राम नरेश यादव ने तहरीर क्यों दी। दूसरा सवाल है कि रात 11:37 पर नकाबपोश वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। भाजपा नेता के हाथ, पांव बंधे थे जबकि मुंह में कपड़ा ठूस कर टेप लगा था। इसके बाद भी उन्होंने 11:42 बजे प्रधान को फोन कर दिया। महज पांच मिनट में उन्होंने अपने बंधन कैसे खोले और मुंह पर टेप लगा होने के बाद भी बात कैसे की। घटना के करीब सात मिनट में थाना प्रभारी भी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।
सुरक्षा हटा लें अधिकारी
वारदात के बाद भाजपा नेता ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की थी। इसमें उन्होंने एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात करने को कहा था। इस बात के चर्चा में आने के बाद भाजपा नेता रमेश यादव ने कहा, उन्होंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी। वारदात के बाद जो पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं, उन्हें भी हटाने को कहा है।


