
भोपाल
मध्य प्रदेश में 14 अक्टूबर को लाडली बहनों के खाते में उमरिया से सीएम मोहन यादव ने योजना की 41वीं किस्त ट्रांसफर की है। इसके साथ ही लाडली बहना योजना की लभार्थियों के खाते में 1500-1500 रुपए पहुंच गए हैं। योजना की शुरुआत के बाद से नए लाभार्थियों के नाम नहीं जुड़े हैं। अब सरकार के मंत्री ने यह संकेत दिए हैं कि जल्द ही पोर्टल खुलेंगे।
लाडली बहना योजना में जुड़ेंगे नए नाम
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि लाडली बहनों के खाते में राशि भेजी गई है। उन्होंने कहा कि सीएम मोहन यादव ने यह भी घोषित किया है कि निकट भविष्य में जो लाडली बहना, लाडली बहना योजना से बच गई हैं। उनके नाम भी लाडली बहना पोर्टल पर अंकित किए जाएंगे।
जल्द ही खुलने वाला है पोर्टल
मंत्री ने कहा कि लाडली बहना योजना को लेकर पोर्टल जल्द ही खुलने वाला है। नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि जो बहनें इस योजना का लाभ लेने से बच गई हैं, उन्हें हम इस योजना से जोड़ेंगे। वहीं, पोर्टल कब से खुलेंगे, इसे लेकर उन्होंने कहा कि इसकी समय सीमा अभी तय नहीं है।
सीएम ने क्या दिए हैं निर्देश
मध्य प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने बताया कि सीएम मोहन लाल यादव ने अधिकारियों को यह आकलन करने के निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में कितनी पात्र महिलाएं इस योजना के लाभ से बाहर रह गई हैं. इस आंतरिक रिपोर्ट और समीक्षा के बाद पोर्टल को दोबारा खोलने को लेकर आधिकारिक फैसला लिया जाएगा।
योजना में नए नाम जोड़ने की तैयारी के बीच अभी पंजीयन की समय-सीमा घोषित नहीं की गई है. मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल के मुताबिक, पहले योजना में छूटी हुई महिलाओं की संख्या का आकलन किया जाएगा. इसके बाद पंजीयन की प्रक्रिया और पोर्टल खोलने की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
62000 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी
मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ लाडली बहनों को योजना की 41वीं किश्त की सौगात मिल गई है। राज्य सरकार बहनों के बैंक खातों में हर माह 1500 रुपए की राशि ट्रांसफर कर रही है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 62 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है।
बुधवार को भेजे गए 1834 करोड़
वहीं, बुधवार को उमरिया से सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 41वीं किस्त की 1834 करोड़ की राशि अंतरित की गई है। इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों में प्रदेश के महिला बाल विकास विभाग का बजट केवल 350 करोड़ रुपए था, लेकिन हमारी सरकार ने 47 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान महिला कल्याण के लिए किया है।
योजना की शुरुआत से नहीं जुड़े हैं नए नाम
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना की शुरुआत 2023 में हुई थी। उस समय लाभार्थियों की संख्या 1.31 करोड़ थी। उम्र की सीमा 60 वर्ष है। समय के साथ लाभार्थियों की संख्या घटती गई। अब मध्य प्रदेश में लभार्थियों की संख्या 1.25 करोड़ है। शुरुआत में योजना की लभार्थियों को 1000 रुपए मिलते थे। अब हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार ने इसे 3000 रुपए तक ले जाने का वादा किया है।
लाड़ली बहना योजना: महिलाओं को अब क्या करना चाहिए?
जिन महिलाओं का नाम अभी तक योजना में शामिल नहीं हुआ है, उन्हें सरकारी घोषणा पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल पोर्टल खुलने की तारीख तय नहीं हुई है। इसलिए किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति को पंजीयन के नाम पर पैसे देने से बचें। नए आवेदन शुरू होने पर पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांचें। केवल पोर्टल खुलने की घोषणा से यह तय नहीं होता कि हर आवेदक को योजना का लाभ मिल जाएगा। लाभ के लिए निर्धारित शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।
Ladli Behna Yojana Update का मुख्य बिंदु यह है कि मध्य प्रदेश सरकार छूटी हुई महिलाओं की संख्या जुटाने और उनके पंजीयन की संभावनाओं पर काम कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पोर्टल कब खुलेगा और नए नाम जोड़ने के लिए क्या नियम तय किए जाएंगे।


