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शिवराज सिंह चौहान ने नीलगढ़ के विस्थापित आदिवासी परिवारों के त्याग को किया नमन

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वनों और वन्य प्राणियों के लिए आदिवासी भाई-बहनों का त्याग अनुकरणीय, दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं – शिवराज सिंह चौहान

नीलगढ़ के परिवारों को बेहतर पुनर्वास के लिए प्रति परिवार ₹15 लाख, घर बनाने के लिए ₹5 लाख और खेती के लिए पांच एकड़ जमीन- शिवराज सिंह चौहान

पुरखों के घर, खेत और संस्कृति छोड़ने का दर्द असहनीय, नए नीलगढ़ में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रयास- शिवराज सिंह चौहान

वनों और वन्यजीवों की रक्षा में आदिवासियों की बड़ी भूमिका, उन्हें समाज सम्मान दें- शिवराज सिंह चौहान
भोपाल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को रायसेन जिले के ग्राम नीलगढ़ पहुंचे, यहां केन्द्रीय मंत्री पारंपरिक सहरा लंहगी डंडा प्रतियोगिता में शामिल हुए और विस्थापन की प्रक्रिया से गुजर रहे आदिवासी परिवारों के त्याग और भावनाओं को करीब से महसूस किया और ग्रामीणों से मुलाकात की। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नीलगढ़ और धुंधवानी के भाई-बहनों ने वनों और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए अपना घर-गांव छोड़ने का निर्णय लिया है। यह सामान्य त्याग नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण का उदाहरण है। मैं उनके इस महान त्याग को दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने यहां आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं के रंग में रंगकर पारंपरिक लोकनृत्य भी किया।

पुरखों की धरती छोड़ने का दर्द बयां नहीं किया जा सकता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि घर की दीवारें, खेत, चौपाल, चूल्हा, रास्ते और गांव की गलियां केवल ईंट-पत्थर नहीं होते, बल्कि उनसे लोगों की यादें, परंपराएं और जीवन जुड़ा होता है। इसी धरती पर उनका जन्म हुआ, बचपन बीता और जीवन की अनेक यादें बनीं। ऐसे में अपने पुरखों के घर, जमीन और गांव को छोड़कर जाना कितना पीड़ादायक होता है, इसका अंदाजा लगाना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि नीलगढ़ और धुंधवानी के अधिकांश आदिवासी परिवारों ने वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए यह कठिन निर्णय लिया है। उनके इस त्याग और प्रकृति के प्रति समर्पण को समाज को समझना चाहिए और सम्मान देना चाहिए। वन्यजीव संरक्षण की बात करने वाले लोगों को भी यहां आकर इन परिवारों की महानता को महसूस करना चाहिए।

प्रति परिवार ₹15 लाख, घर के लिए ₹5 लाख और खेती के लिए पांच एकड़ जमीन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था, तब विस्थापन की स्थिति में परिवारों को बेहतर पुनर्वास पैकेज देने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने बताया कि नए नीलगढ़ में बसाए जा रहे परिवारों को प्रति परिवार ₹15 लाख की राशि दी जा रही है। इसके अतिरिक्त घर बनाने के लिए ₹5 लाख और खेती के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। हमारा प्रयास है कि विस्थापित परिवारों को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे नए स्थान पर सम्मानपूर्वक अपना जीवन शुरू कर सकें।

33 साल पुरानी परंपरा की आखिरी प्रतियोगिता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नीलगढ़ के ग्रामीण पिछले 33 वर्षों से पारंपरिक प्रतियोगिता का आयोजन करते आ रहे हैं। विस्थापन से पहले इस बार उन्होंने अपनी इस परंपरा की आखिरी प्रतियोगिता आयोजित की। अब नीलगढ़ के परिवार नए नीलगढ़ में बसेंगे, जबकि धुंधवानी के लोगों को सुल्तानपुर और गोहरवन के पास बसाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने आग्रह किया था कि उनकी इस भावनात्मक घड़ी में शामिल होकर उनका सम्मान किया जाए। इसी भावना के साथ मैं इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।

नए नीलगढ़ में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रयास
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं नए नीलगढ़ को देखकर आया हूं। यहां विस्थापित परिवारों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे नए परिवेश में अपना जीवन व्यवस्थित कर सकें। उन्होंने कहा कि इन परिवारों के लिए पुराना गांव हमेशा भावनात्मक स्मृतियों का हिस्सा रहेगा। वनों और वन्य प्राणियों की खातिर अपने घर-गांव और जमीन का त्याग करने वाले इन आदिवासी भाई-बहनों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।

मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने सादगी और आत्मीयता की मिसाल पेश करते हुए आदिवासी परिवार के घर जमीन पर बैठकर भोजन किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके सुख-दुख को साझा किया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव के लोगों से उनका रिश्ता केवल जनप्रतिनिधि का नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसा है। उनकी खुशियों, भावनाओं और जीवन से जुड़ना ही जनसेवा का वास्तविक अर्थ है।

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